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हा सर, मैंने अपने बाप को मारा !

199.00

हा सर मैंने अपने बाप को मारा !’ एक पिता और पुत्र की ऐसी कहानी है, जिसमें बताया गया है कि कैसे एक बेटा दो महीने की अवधि तक मुंबई को हिलाकर रख देने वाले जघन्य हत्याकांडों का हिस्सा बनते हुए एक तरह से अपने ही पिता की हत्या के लिए जिम्मेदार बन जाता है? इस पुस्तक में विजय पालांडे नामक एक हत्यारे द्वारा एक के बाद एक हत्या किए जाने का वर्णन किया गया है। यह उस हत्याकांड में एकमात्र जीवित बचे शख्स की कहानी है, जो अपने ही पिता की नृशंस हत्या के पीछे की कहानी बताने के लिए जीवित बचता है।
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Description

  • ASIN ‏ : ‎ B09Q59BTB1
  • Language ‏ : ‎ Hindi
  • File size ‏ : ‎ 3041 KB
  • Simultaneous device usage ‏ : ‎ Unlimited
  • Text-to-Speech ‏ : ‎ Enabled
  • Screen Reader ‏ : ‎ Supported
  • Enhanced typesetting ‏ : ‎ Enabled
  • X-Ray ‏ : ‎ Not Enabled
  • Word Wise ‏ : ‎ Enabled
  • Print length ‏ : ‎ 87 pages

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